हरिद्वार श्यामपुर
हरिद्वार वन प्रभाग की श्यामपुर रेंज में दो बाघों की मौत से जुड़े सनसनीखेज शिकार प्रकरण में फरार चल रहा मुख्य आरोपी आमिर हमजा उर्फ मियां आखिरकार सोमवार को कोर्ट में सरेंडर करने में कामयाब हो गया। पिछले कई दिनों से वन विभाग की टीम जिसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी, वही आरोपी सोमवार सुबह करीब साढ़े दस बजे रोशनाबाद कोर्ट पहुंच गया। जानकारी के अनुसार बाघ के बच्चों का मुख्य कातिल हमजा ने ज़ब कोर्ट में सरेंडर किया उसे वक्त उसको पकड़ने के लिए हरिद्वार वन विभाग की तेज धारा टीम को कोर्ट के बाद लगाया गया था लेकिन टीम को हाथ लगी तो केवल विफलता और आरोपी ने सीधे कोर्ट में सरेंडर कर दिया
सूत्रों के मुताबिक आमिर हमजा सीधे अपने वकील के चैंबर में जा बैठा। भनक लगते ही सादे कपड़ों में तैनात वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन वहां मौजूद वकीलों ने टीम को कार्रवाई से रोक दिया। कुछ देर तक कोर्ट परिसर में गहमागहमी का माहौल बना रहा। इसी बीच आमिर हमजा ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया और वन विभाग की टीम उसे मौके से हिरासत में लेने से चूक गई।बताया जा रहा है कि 18 मई से ही आमिर लगातार वन विभाग को चकमा दे रहा था। श्यामपुर रेंज की सजनपुर बीट में दो बाघों को जहरीला पदार्थ देकर मारने के मामले में वन विभाग पहले ही चार आरोपियों—आलम उर्फ फम्मी, आशिक, जुप्पी और यूसुफ—को गिरफ्तार कर जेल भेज चुका है। लेकिन इस पूरे शिकार कांड का मास्टरमाइंड माने जा रहे आमिर हमजा की तलाश लगातार जारी थी।जांच में सामने आया है कि मृत भैंस पर जहर लगाने की साजिश आमिर हमजा ने ही रची थी। इतना ही नहीं, बाघों की मौत के बाद उनके पंजे और पैर काटने का आरोप भी उसी पर है। वन विभाग को शक है कि कई अहम सबूत और इस पूरे नेटवर्क की जानकारी अभी आमिर के पास छिपी हुई है। खास बात यह है कि अब तक बाघों के कटे हुए पैर और घटना में इस्तेमाल धारदार हथियार बरामद नहीं हो पाए हैं।इसी कारण अब वन विभाग आमिर हमजा को रिमांड पर लेने की तैयारी में जुट गया है। अधिकारियों का मानना है कि रिमांड मिलने के बाद पूछताछ में वन्यजीव तस्करी और शिकार से जुड़े कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध ने बताया कि वन विभाग की टीमें लगातार आरोपी की तलाश में दबिश दे रही थीं। सोमवार को आरोपी ने रोशनाबाद कोर्ट में सरेंडर किया है। उसे रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है ताकि पूरे मामले की तह तक पहुंचा जा सके।
