हरिद्वार
हरिद्वार वन प्रभाग के अधिकारियों की आंखों पर आखिर पट्टी क्यों बंधी है?यह सवाल इसलिए उठ रहा है क्योंकि पिछले दिनों हरिद्वार में लगातार एक के बाद एक चार हाथियों की मौत ने विभाग में हड़कंप मचा दिया था।पहले खानपुर रेंज में पांच दिनों के भीतर दो हाथियों के शव मिलने से सनसनी फैल गई, फिर श्यामपुर और बहादराबाद क्षेत्र में भी एक-एक हाथी मृत मिला।
लेकिन इन घटनाओं के बाद जो कार्रवाई हुई, उसने विभाग के दोहरे रवैये पर सवाल खड़े कर दिए हैं।दरअसल, बहादराबाद रेंज में हाथी की मौत के बाद वन दरोगा इंद्र सिंह और वन आरक्षी गौरव सोलंकी पर तत्काल विभागीय कार्यवाही कर दी गई, जबकि खानपुर रेंज, जहां दो हाथियों की मौत हुई थी, वहां के सेक्शन और बीट अधिकारियों पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
अब सवाल यही है :-
क्या विभाग में नियम अलग-अलग हैं?क्या जिम्मेदारी सिर्फ कुछ कर्मचारियों तक सीमित है?या फिर किसी दबाव में आंखों पर पट्टी बांध ली गई है?अब देखना यह होगा कि हमारी इस खबर के बाद विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जागते हैं या यह लापरवाही यूं ही जारी रहती है।
