हरिद्वार
हरिद्वार वन प्रभाग के हरिद्वार रेंज में तैनात वन दरोगा गजेन्द्र सिंह पर लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात रहकर भ्रष्टाचार करने और सरकारी सेवाओं को प्रभावित करने के गंभीर आरोप लगे हैं। इस संबंध में आदित्य शर्मा निवासी सुभाष नगर, ज्वालापुर ने प्रमुख वन संरक्षक (H.O.F.F) उत्तराखण्ड, वन मंत्री, मुख्य सचिव और सचिव वन विभाग को एक लिखित शिकायत भेजी है।
शिकायत में कहा गया है कि गजेन्द्र सिंह पिछले 16 वर्षों से हरिद्वार रेंज में ही कार्यरत हैं, जबकि विभागीय नियमों के अनुसार किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को एक ही स्थान पर इतने लंबे समय तक नहीं रखा जा सकता। आरोप है कि देवपुर बीट में पदस्थ वन दरोगा द्वारा स्थानीय राजनीतिक प्रभाव और अधिकारियों से मिलीभगत के चलते बार-बार स्थानांतरण आदेशों को रुकवाया गया।

शिकायतकर्ता का कहना है कि लंबे समय से एक ही स्थान पर बने रहने से वन दरोगा ने स्थानीय स्तर पर अपने “निजी स्वार्थ” के लिए व्यवस्था को प्रभावित किया है। आदित्य शर्मा ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि गजेन्द्र सिंह के कार्यकाल के दौरान कई संदिग्ध गतिविधियां सामने आईं – जैसे :-
वर्ष 2021 में लगभग 8 किलोमीटर मोटर रोड का अवैध निर्माण बिना विभागीय स्वीकृति के कराया गया।
जनवरी 2025 में गुज्जरवाला शिवपुर क्षेत्र में करीब 1 किलोमीटर की सड़क पक्की करा दी गई, जबकि यह क्षेत्र वन भूमि में आता है।
वन बीट क्षेत्र में अवैध कटान और वन्यजीव शिकार की घटनाएं भी दर्ज की गईं।
शिकायत में शासन से मांग की गई है कि गजेन्द्र सिंह का तत्काल प्रभाव से स्थानांतरण किया जाए और उनके कार्यकाल की विस्तृत जांच उच्चस्तरीय समिति से कराई जाए, ताकि विभागीय पारदर्शिता बनी रहे।
