रुड़की
कहते हैं कि बेटियां किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं होतीं। इस कहावत को झबरेड़ा क्षेत्र के सढौली गांव की बेटी काजल सैनी ने सच साबित कर दिखाया है। काजल सैनी ने उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा में सफलता हासिल करते हुए एसडीएम पद के लिए चयनित होकर अपने परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
हरिद्वार जिले के झबरेड़ा कस्बा क्षेत्र स्थित सढौली गांव की रहने वाली काजल सैनी की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। जैसे ही उनके चयन की खबर गांव पहुंची, उनके आवास पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। ग्रामीणों ने मिठाइयां बांटकर खुशी का इजहार किया और इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का क्षण बताया।
साधारण ग्रामीण परिवेश में पली-बढ़ी काजल ने बचपन से ही बड़े सपने देखे और उन्हें पूरा करने के लिए निरंतर मेहनत की। उन्होंने बीएमएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद उत्तराखंड सचिवालय में समीक्षा अधिकारी के पद पर अपनी सेवाएं दीं। हालांकि उनका लक्ष्य प्रशासनिक सेवा में जाकर समाज के लिए काम करना था। इसी उद्देश्य को लेकर उन्होंने लगातार परिश्रम किया और आखिरकार अपने सपनों को साकार कर दिखाया।

काजल की सफलता की खबर से परिवार में भी खुशी की लहर दौड़ गई। माता-पिता की आंखों में गर्व साफ दिखाई दिया। काजल ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, भाई और मित्रों के सहयोग को दिया है, जिन्होंने हर कदम पर उनका उत्साह बढ़ाया।काजल की इस सफलता पर उत्तराखंड सरकार में राज्यमंत्री श्यामवीर सैनी भी उनके आवास पहुंचे और उन्हें सम्मानित कर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि काजल सैनी की सफलता क्षेत्र की बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने जिस मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मिसाल है।आज सढौली गांव की बेटी का एसडीएम बनना पूरे झबरेड़ा क्षेत्र ही नहीं बल्कि हरिद्वार जनपद के लिए भी गर्व का विषय बना हुआ है। काजल सैनी की सफलता यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर कोई भी मंजिल हासिल की जा सकती है।
