रुड़की।
नगर निगम रुड़की की फाइलों में दर्ज घोटालों और सड़ चुकी कार्यप्रणाली पर अब जनता की नजर है — वजह है एक स्टिंग वीडियो, जिसने निगम की सच्चाई को नंगा कर दिया है। इस वीडियो में AE प्रेम शर्मा और स्वास्थ्य विभाग के लिपिक राजीव भटनागर की बातचीत में जो सुनाई दे रहा है, वह केवल बातचीत नहीं बल्कि सिस्टम के सड़े हुए ढांचे की गूंज है।
जिस नगर निगम में अब तक फ्लैट ट्रांसफर घोटाले, जमीन धांधलियां, और कमिशन की सेटिंग केवल फाइलों में दबाई जाती थीं, वहां अब एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ है जो निगम की निचली कुर्सी से लेकर ऊपरी सत्ता तक के हिस्से को बेनकाब कर रहा है।
राजीव भटनागर की ओर से पुलिस को दी गई तहरीर में दावा किया गया कि एक कथित पत्रकार ने उनकी और AE प्रेम शर्मा की बातचीत रिकॉर्ड कर ली और बदले में बीस लाख रुपये की मांग की। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार कर लिया। लेकिन असली सवाल अब यही है –
क्या ये सिर्फ ब्लैकमेलिंग है या भ्रष्टाचार का पर्दाफाश?
क्या वीडियो की आवाज, संवाद, संदर्भ और फुटेज की फॉरेंसिक जांच होगी?
क्या जिन कर्मचारियों की आवाज सुनाई दे रही है, उनकी गंभीरता से विभागीय जांच की जाएगी?
और सबसे बड़ा सवाल — क्या मेयर अनीता ललित अग्रवाल और MNA इस पूरे घटनाक्रम का संज्ञान लेंगे या चुप्पी ओढ़ लेंगे?
निगम की पुरानी परतें भी सड़ चुकी हैं
हरिद्वार नगर निगम में भूमि घोटाले में जब IAS और PCS अधिकारियों तक पर चाबुक चला है, तो फिर रुड़की नगर निगम के ये कर्मचारी अछूत कैसे रह सकते हैं? क्या अब मेयर और नगर आयुक्त इन नामों पर भी उसी तीव्रता से कार्रवाई करेंगे?
सूत्र बताते हैं कि जो वीडियो सामने आया है उसमें AE प्रेम शर्मा और लिपिक भटनागर खुलकर कमीशन की बात कर रहे हैं। बातचीत की भाषा से साफ संकेत मिलते हैं कि यह सिस्टमेटिक रैकेटिंग है – जिसमें नीचे से लेकर ऊपर तक हिस्सा तय है। बात केवल नगर निगम तक सीमित नहीं, कथित रूप से जिले और प्रदेश स्तर तक पहुंचती दिख रही है।
कौन बचाएगा अब निगम की साख?
नगर आयुक्त इस समय पंचायत चुनाव ड्यूटी में व्यस्त हैं और उनका पक्ष फिलहाल नहीं मिल पाया। लेकिन अब बॉल मेयर अनीता ललित अग्रवाल के पाले में है। उन्होंने कहा कि वीडियो की जानकारी उन्हें नहीं है, लेकिन जांच की जाएगी।
लेकिन जनता अब बयान नहीं, कार्रवाई देखना चाहती है।
क्या निगम खुद जांच बैठाएगा या शासन स्तर से होगी जांच?
क्या दोषियों को निलंबन और गिरफ्तारी तक पहुंचाया जाएगा या सबकुछ सेटिंग में समा जाएगा?
अब जनता पूछेगी, जनता बोलेगी, और जनता दबाव बनाएगी।
क्योंकि यदि अब भी कार्रवाई नहीं हुई — तो साफ है कि पूरा सिस्टम इस सड़ांध का हिस्सा है।
नगर निगम स्टिंग कांड — क्या भ्रष्टाचार की पोल खोलने वाला वीडियो भी दबा दिया जाएगा? क्या मेयर और MNA देंगे जवाब
