हरिद्वार रुड़की
हरिद्वार विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) क्षेत्र अंतर्गत नगर में अवैध निर्माणों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। नगर में सैकड़ों ऐसे भवन खड़े हो चुके हैं जिनके न तो लेआउट पास कराए गए हैं, और यदि कुछ का लेआउट स्वीकृत भी हुआ है, तो निर्माण स्वीकृत मानकों के विपरीत कर दिया गया है।इतना ही नहीं, नजुल भूमि पर भी विभागीय मिलीभगत से बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण खड़े कराए गए हैं, जिससे सरकार के राजस्व को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।विभागीय उदासीनता और अनदेखी का असर अब सीधे आम जनता पर पड़ रहा है। नगर के कई हिस्सों में कॉमर्शियल इमारतों में पार्किंग की व्यवस्था तक नहीं छोड़ी गई है। परिणामस्वरूप सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है और जाम की स्थिति आम हो गई है।इसके अलावा नगर के आसपास सैकड़ों कॉलोनियाँ बिना एचआरडीए से लेआउट स्वीकृति के काट दी गई हैं। सूत्रों के अनुसार, इन अवैध कॉलोनियों में भी विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से राजस्व का भारी नुकसान हुआ है।स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इन अवैध निर्माणों और कॉलोनियों की उच्च स्तरीय जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। अगली खबर वीडियो के साथ अवैध कॉलोनी और नजुल की भूमि पर अवैध निर्माण!
