रुड़की
9 सितंबर को रुड़की रेंज के धनोरी अनुभाग के खंजरपुर स्थित विनेम सेंटर पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत की गई छापेमारी के दौरान विभागीय अधिकारियों की गंभीर चूक उजागर हुई है। अनुभाग अधिकारी, वन क्षेत्राधिकारी, उप प्रभागीय वनाधिकारी सहित पूरी सुरक्षाबल टीम मौके पर मौजूद थी। साथ ही राजा जी नेशनल पार्क से उप निदेशक भी पहुंच चुके थे। कुल 86 संरक्षित व दुर्लभ साँप बरामद किए गए।
लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि विष्णु नामक युवक, जो इस अवैध कारोबार में आरोपी है, मौके पर मौजूद था। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार नहीं किया और सिर्फ केयर टेकर बना दिया। इससे यह संदेह प्रबल होता है कि इसमें अधिकारियों की मिलीभगत हो सकती है।

पब्लिक और मीडिया चैनलों की रिपोर्ट्स में अनुभाग अधिकारी ने खुद को तेजतरार दरोगा बताते हुए बड़े-बड़े दावे किए, वहीं वन क्षेत्राधिकारी ने अपने आपको वन्यजीव प्रेमी बताते हुए आरोपियों को जेल भेजने की बात कही।

परंतु इतने बड़े अवैध कारोबार का पर्दाफाश होने के बावजूद, आरोपी युवक को न तो गिरफ्तार किया गया, न ही पूछताछ के लिए लिया गया। यह लापरवाही सीधे तौर पर विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा कर रही है। पीएफए टीम ने बार-बार गिरफ्तारी की अपील की, लेकिन सुनवाई तक नहीं हुई।

उच्चाधिकारियों की चुप्पी और विभागीय तंत्र की निष्क्रियता इस पूरे मामले को संदेह के घेरे में खड़ा कर रही है। ऐसे में वन मंत्री और मुख्यमंत्री को तत्काल संज्ञान लेकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन दोबारा न हो और विभाग की विश्वसनीयता बनी रहे।
