हरिद्वार
हरिद्वार जिले के ग्राम सहदेवपुर से एक गर्व की खबर सामने आई है, जहां एक किसान के बेटे ने अपने कठिन परिश्रम और लगन से वह मुकाम हासिल किया है, जिसका सपना लाखों युवा देखते हैं। शुभम कुमार का चयन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में बतौर साइंटिस्ट के पद पर हुआ है, जिससे पूरे गांव, परिवार और जनपद में खुशी की लहर दौड़ गई है।

शुभम कुमार, जो एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं, ने साबित कर दिया कि सीमित संसाधन भी बड़े सपनों के आगे बाधा नहीं बन सकते। उनकी इस सफलता ने यह दिखा दिया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो हर मंजिल आसान हो जाती है।शुभम ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा हरिद्वार के राष्ट्रीय इंटर कॉलेज बोंगला से प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने पंतनगर यूनिवर्सिटी से बीटेक और आईआईटी रुड़की से एमटेक की डिग्री हासिल की। वर्तमान में वह इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु से पीएचडी कर रहे हैं।कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के बल पर शुभम ने यह उपलब्धि हासिल कर अपने परिजनों का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। उनकी यह सफलता न सिर्फ उनके परिवार के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र और प्रदेश के लिए गर्व की बात है।शुभम कुमार की यह उपलब्धि खास तौर पर ग्रामीण और सामाजिक रूप से वंचित वर्गों के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है। उन्होंने यह साबित किया है कि मेहनत और समर्पण से किसी भी ऊंचाई को छुआ जा सकता है।
कहानी साफ है—अगर इरादे मजबूत हों, तो किसान का बेटा भी आसमान छू सकता है।
