Portrait of a little tiger cub lies dormant sleeping on the wooden floor. Shallow depth of field
श्यामपुर / हरिद्वार
वन प्रभाग हरिद्वार की श्यामपुर रेंज एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। प्रथम श्रेणी के दो वन्यजीवों – एक वयस्क और उसके शावक – के शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि वन्यजीव तस्कर मृत वन्यजीवों के पंजे निकालकर फरार हो गए। इस घटना ने श्यामपुर रेंज की कार्यप्रणाली और वहां तैनात अधिकारियों की जिम्मेदारी पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। जानकारी के मुताबिक किसी भी वन क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा की पहली जिम्मेदारी वन आरक्षी और वन दरोगा की होती है, लेकिन पूरे क्षेत्र की निगरानी और जवाबदेही वन क्षेत्राधिकारी यानी रेंजर पर भी तय मानी जाती है। ऐसे में लगातार सामने आ रहे मामलों ने विभागीय कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगा दिए हैं। बताया जा रहा है कि वर्तमान में श्यामपुर रेंज संभाल रहे रेंजर का नाम इससे पहले रुड़की रेंज में भी कई विवादित मामलों से जुड़ चुका है। पहला मामला अनुभाग मंगलौर का था, जहां श्रेणी-2 के वन्यजीव नीलगाय की संदिग्ध मौत के बाद बिना पोस्टमार्टम कराए उसे दफनाने के आरोप लगे थे। दूसरा मामला रुड़की बीट के खंजरपुर क्षेत्र का था, जहां बिना लाइसेंस के वेनेम सेंटर संचालित होने की बात सामने आई थी। वहीं पाडली गुर्जर क्षेत्र में अजगर की हत्या का मामला भी इसी कार्यकाल में सामने आया था। अब श्यामपुर रेंज में प्रथम श्रेणी के वन्यजीव और उसके बच्चे की मौत ने एक बार फिर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और वन्यजीव प्रेमियों का कहना है कि जो अधिकारी खुद को वन्यजीव संरक्षण का चेहरा बताते हैं, उन्हीं की तैनाती वाले क्षेत्रों में लगातार शिकार, मौत और तस्करी के मामले सामने आना चिंता का विषय है।सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि क्या इस बार भी केवल खानापूर्ति कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा, या फिर जिम्मेदार कर्मचारियों और अधिकारियों पर वास्तविक कार्रवाई होगी।

फ़ाइल फोटो ☝️
श्यामपुर रेंज में बाघिन और उसके दो शावकों की मौत के मामले ने पूरे वन विभाग में हड़कंप मचा दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब विभाग के बड़े अधिकारी और सरकार भी खुलकर सामने आ गई है। वन मंत्री से लेकर वाइल्ड लाइफ चीफ और कंजरवेटर तक ने कार्रवाई के संकेत दिए हैं।
UK भारत ए की जिम्मेदार अधिकारियो और वन मंत्री से बातचीत
वन मंत्री Subodh Uniyal ने UK भारत से बातचीत में कहा कि उनके संज्ञान में बाघ के दो शावकों के शव मिलने का मामला आया है। उन्होंने साफ कहा कि इस पूरे प्रकरण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि जो भी तस्कर या आरोपी इस घटना में शामिल होंगे, उन्हें किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा और जल्द गिरफ्तारी होगी।
वहीं वाइल्ड लाइफ चीफ/हॉफ Ranjan Mishra ने बताया कि पूरा मामला उनके सीधे संज्ञान में है और जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि फिलहाल एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच पूरी होने के बाद संबंधित स्टाफ की भूमिका भी जांची जाएगी और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त विभागीय कार्रवाई होगी।
इधर कंजरवेटर Rajeev Dhiman ने मौके से जानकारी देते हुए बताया कि अब तक बाघ के दो शावकों के शव बरामद हो चुके हैं, जबकि उनकी मां यानी बाघिन की तलाश में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वन विभाग की टीमें पूरे इलाके में सघन अभियान चला रही हैं और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
इस घटना ने एक बार फिर श्यामपुर रेंज की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार वन्यजीव मौत, शिकार और तस्करी के मामलों के सामने आने से स्थानीय लोगों में भी भारी नाराजगी है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या इस बार सच में बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई होगी या फिर मामला सिर्फ जांच तक सीमित रह जाएगा।
अगला अध्याय जल्द… UK भारत पर
