रुड़की
हरिद्वार जिले की राजनीति और प्रशासनिक गलियारियों में आज एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई चौंक जाएगा। रुड़की नगर निगम के नगर आयुक्त राकेश चंद्र तिवारी ने मेयर अनीता अग्रवाल के पति और पुत्र पर सीधे-सीधे आरोप लगाए हैं कि वे सरकारी कार्यों में अवैध हस्तक्षेप कर रहे हैं। साथ ही गोपनीय पत्रावली अपने पास रखने और अधिकारियों को दबाव में लेकर अपने स्वार्थ सिद्धि की कोशिश कर रहे हैं।
नगर निगम रुड़की के आयुक्त राकेश तिवारी ने एक शिकायती पत्र में शहरी विकास निदेशालय उत्तराखंड और जिलाधिकारी हरिद्वार को सूचना दी है कि मेयर अनीता अग्रवाल के पति ललित मोहन अग्रवाल और पुत्र शुभम अग्रवाल नगर निगम कार्यालय परिसर में अक्सर दिखाई देते हैं। इन पर आरोप है कि ये दोनों अपने राजनीतिक दबदबे का गलत फायदा उठाकर निगम के महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों में सीधा हस्तक्षेप कर रहे हैं।
आयुक्त ने स्पष्ट कहा है कि ये लोग कर्मचारियों को आदेश देने के साथ-साथ गोपनीय दस्तावेज अपने पास रख कर निगम के फैसलों को प्रभावित करने का काम करते हैं। इस गंभीर प्रकरण को लेकर उन्होंने निर्देश दिया है कि अब से सभी पत्रावलियों के पृष्ठ क्रमांकित किए जाएं ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।
जब इस बाबत आयुक्त से बात करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। दूसरी ओर, आरोपित मेयर प्रतिनिधि ललित मोहन अग्रवाल और उनके पुत्र शुभम अग्रवाल का कहना है कि उन्हें इस शिकायती पत्र की कोई जानकारी नहीं है और वह पूरी तरह से निर्दोष हैं।
राजनीतिक तूफान का अनुमान:
यह मामला अब सिर्फ प्रशासनिक विवाद नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक रंग भी पकड़ता जा रहा है। साफ संकेत मिल रहे हैं कि जल्द ही यह मसला मीडिया में गरमागरम बहस का केंद्र बन जाएगा।
क्या होगा अगला कदम?
जिलाधिकारी हरिद्वार और शहरी विकास निदेशालय उत्तराखंड की कार्रवाई पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। प्रशासनिक जांच शुरू होने की अटकलें तेज हो रही हैं। सवाल यही उठता है कि क्या मेयर प्रतिनिधि ललित मोहन अग्रवाल और उनके पुत्र शुभम अग्रवाल पर सख्त कार्रवाई होगी, या मामला धीरे-धीरे दबा दिया जाएगा।
