रुड़की
रेलवे स्टेशन के समीप ई-रिक्शा का आतंक बढ़ता जा रहा था, जिससे यात्री और राहगीर दोनों परेशान थे। UK भारत ने जिसकी खबर आपको दिखाई थी और प्रशासन को चेताया था कि मुख्य मार्ग पर ई-रिक्शा चालकों द्वारा अवैध तरीके से चलाया जा रहा वाहन यातायात व्यवस्था को बाधित कर रहा था। इस गंभीर स्थिति के असर ने प्रशासन की नींद उड़ा दी।
विशेष रूप से चेतक पर सवार अशोक तिवारी और उनके साथी इस अभियान में सक्रिय भूमिका निभाते हुए ई-रिक्शा चालकों को सख्त सबक सिखाया। उन्होंने पुलिस के साथ मिलकर सभी ई-रिक्शा चालकों को समझाया कि रेलवे स्टेशन के समीप अवैध रूप से ई-रिक्शा चलाना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह राहगीरों के लिए खतरा भी बन रहा है।

UK भारत की खबर ने प्रशासन व स्थानीय जनता पर गहरा असर डाला। इस पर ध्यान देते हुए गंग नहर कोतवाली पुलिस ने अभियान तेज कर दिया। अशोक तिवारी व उनके साथी के सहयोग से ई-रिक्शा चालकों को स्टेशन के किनारे विशेष स्थान पर खड़ा रहने का पाठ पढ़ाया गया, ताकि अब किसी भी यात्री को इस क्षेत्र में परेशानी न हो।

अब रेलवे स्टेशन पर यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो रही है।
राहगीरों को हो रही परेशानियों में अब राहत मिली है।
ई-रिक्शा और ऑटो चालकों को चेतावनी के साथ नियमों का पालन करना अनिवार्य किया गया।
गंग नहर कोतवाली का संदेश साफ है – अवैध ई-रिक्शा अब नहीं चलेंगे, व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता।
