झबरेड़ा (हरिद्वार)
झबरेड़ा विधानसभा की पनियाला रोड अब सड़क नहीं, मौत का फंदा बन चुकी है। जो रास्ता रुड़की शहर को 25 गांवों से जोड़ता है, वहां अब गड्ढों का ऐसा जंगल उग आया है जिसमें हर दिन लोग फंस रहे हैं, गिर रहे हैं और हादसे का शिकार हो रहे हैं।
सड़क का हाल इतना बदतर है कि लोग अब इसे “गड्ढा मार्ग” कहने लगे हैं।
हर बारिश के बाद हालात और भयानक हो जाते हैं — कीचड़, पानी और गड्ढों में लोटती सड़क ने जनप्रतिनिधियों और अफसरों की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
कांग्रेस विधायक वीरेंद्र कुमार सोशल मीडिया पर सक्रिय तो ज़रूर हैं, लेकिन उनकी विधानसभा की पनियाला रोड पर चुप्पी अब लोगों को चुभने लगी है। हालाँकि विधायक ने कभी टेंडर प्रक्रिया की बात कही थी, लेकिन हकीकत ये है कि सड़क पर एक फावड़ा तक नहीं चला। 
क्या जिम्मेदारों को किसी बच्चे की जान जाने का इंतज़ार है?
राहगीरों से लेकर स्कूली बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग — सब रोज़ जान हथेली पर रखकर इस रास्ते से गुज़रने को मजबूर हैं। बाइक सवारों के लिए तो यह रास्ता सीधा अस्पताल का टिकट बन चुका है।
लोक निर्माण विभाग और विधायक की बेरुखी को लेकर स्थानीय लोग अब उग्र हो रहे हैं। उनका कहना है कि अगर जल्द काम शुरू नहीं हुआ तो सड़क पर चक्का जाम और धरना प्रदर्शन होगा।
एक्सक्लूसिव सवाल:
क्या सोशल मीडिया पोस्ट करना ही विकास का काम बन गया है?
क्या विधायक और PWD अफसर किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही नींद से जागेंगे?
अब जनता ने ठान लिया है
“या तो सड़क बनेगी, या अफसर और नेताओं का घेराव होगा!”
