रुड़की
सिविल लाइन क्षेत्र में नजूल भूमि पर बिना मानचित्र पास कराए किए जा रहे नए निर्माण कार्य का मामला सामने आने के बाद हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (HRDA) की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य को रुकवाते हुए आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे HRDA इंजीनियर
HRDA के इंजीनियर ने बताया कि उन्हें सिविल लाइन क्षेत्र में अवैध निर्माण की सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना मिलते ही वे टीम के साथ मौके पर पहुंचे, जहां पाया गया कि नजूल भूमि पर बिना किसी स्वीकृत मानचित्र के निर्माण कार्य चल रहा था।इंजीनियर ने बताया कि फिलहाल निर्माण कार्य को रोक दिया गया है और भवन स्वामी को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
नोटिस जारी होने के बाद भी होते हैं निर्माण पूरे
यह कोई पहला मामला नहीं है जब HRDA ने अवैध निर्माण पर कार्रवाई की हो। इससे पहले भी शहर के विभिन्न हिस्सों में बिना मानचित्र पास कराए निर्माण कार्यों के खिलाफ नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन उनमें से कई इमारतें नोटिस के बावजूद पूरी हो गईं।

अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस बार जारी होने वाला नोटिस वास्तव में प्रभावी साबित होगा, या यह मामला भी पहले की तरह केवल “कागजी कार्रवाई” बनकर रह जाएगा।
नजूल भूमि पर निर्माण से पहले NOC अनिवार्य
गौरतलब है कि नजूल भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण करने से पहले तहसील प्रशासन से NOC प्राप्त करना अनिवार्य होता है। इसी NOC के आधार पर HRDA से मानचित्र स्वीकृत किया जाता है। बिना NOC और मानचित्र स्वीकृति के किए गए निर्माण को अवैध माना जाता है और इस पर सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कार्यवाही भी की जा सकती है।
HRDA की कार्यवाही पर उठ रहे सवाल
शहर में बार-बार सामने आने वाले ऐसे मामलों से HRDA की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। कई बार नोटिस जारी करने के बावजूद निर्माण कार्य रुकते नहीं हैं, जिससे यह प्रतीत होता है कि या तो कार्रवाई में ढिलाई बरती जा रही है या फिर नियामक तंत्र की पकड़ कमजोर हो चुकी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि HRDA को ऐसी जगहों पर नियमित निरीक्षण बढ़ाना चाहिए ताकि अवैध निर्माण पर समय रहते रोक लग सके।
जांच जारी, कार्रवाई का इंतजार
फिलहाल HRDA अधिकारियों ने इस निर्माण कार्य को रोककर जांच शुरू कर दी है।अब यह देखना होगा कि क्या इस निर्माण को नियमों के अनुसार मानचित्र पास कराया जाएगा या फिर इसे अवैध घोषित कर सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।हमारी टीम इस मामले पर लगातार नज़र बनाए हुए है और HRDA अधिकारियों से हर अपडेट आप तक सबसे पहले पहुंचाएगी।
