रुड़की
सीएसआईआर–केन्द्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई), रुड़की ने भवन निर्माण क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। संस्थान ने “120 मिनट के लिए आंशिक रूप से अग्नि रोधित, एकल पल्ले वाला, एक तरफ खुलने वाला धातु का संमिश्रित दरवाजा” विकसित कर उसकी प्रौद्योगिकी का सफलतापूर्वक हस्तांतरण एस.के. इंजीनियर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, खुर्दा औद्योगिक एस्टेट, ओडिशा को किया।
इस अभिनव तकनीक का विकास डॉ. नवल किशोर बंजारा (प्रधान वैज्ञानिक) एवं उनकी शोध टीम द्वारा किया गया। कार्यक्रम में कंपनी की ओर से प्रबंध निदेशक श्री तापस दास, निदेशक श्री मानस दास, श्रीमती बानीश्री नायक और श्रीमती सुशीला वर्मा उपस्थित रहे। प्रौद्योगिकी का औपचारिक हस्तांतरण सीएसआईआर–सीबीआरआई के निदेशक प्रोफेसर आर. प्रदीप कुमार के कर-कमलों से संपन्न हुआ।
विशेषज्ञों के अनुसार, अग्नि अवरोधित दरवाजे आग लगने की स्थिति में लपटों, धुएँ और गर्मी के प्रसार को सीमित करने में मदद करते हैं। इनका उपयोग अस्पतालों, कार्यालयों, शॉपिंग मॉल, स्कूलों, विश्वविद्यालयों और अन्य बड़े सार्वजनिक भवनों में सुरक्षा हेतु किया जाता है।
संस्थान द्वारा विकसित दरवाजे का परीक्षण आईएसओ 834 मानक ताप वक्र का पालन करते हुए आईएस 3614:2021 के अंतर्गत किया गया। दरवाजे ने 30 मिनट तक आंशिक अग्नि-रोधित मानदंडों को पूरा किया और पूरे 120 मिनट तक अपनी अखंडता व स्थिरता बनाए रखी।
प्रौद्योगिकी हस्तांतरण कार्यक्रम में वैज्ञानिक समुदाय से डॉ. डी. पी. कानूनगो, डॉ. एस. के. पाणिग्राही, डॉ. सौरभ जैन, डॉ. नदीम अहमद, डॉ. राजकुमार, श्रीमती गायत्री देवी सहित तकनीकी और परियोजना स्टाफ मौजूद रहा।
