Oplus_16908288
हरिद्वार/खानपुर
हरिद्वार वन प्रभाग की खानपुर रेंज क्षेत्र में पांच दिनों के भीतर दो हाथियों की रहस्यमयी मौत से हड़कंप मच गया है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने वन विभाग की कार्यप्रणाली और गश्त व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चार दिन पहले खानपुर रेंज के जंगल में एक हाथी का शव मिलने से सनसनी फैल गई थी। सूचना पाकर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची थी और पोस्टमार्टम के बाद शव को दफना दिया गया था। वहीं, आज फिर इसी क्षेत्र में एक और हाथी का शव मिलने से हड़कंप मच गया।

जानकारों के अनुसार शव से तेज दुर्गंध आ रही थी, जिससे अंदेशा है कि इस हाथी की मौत भी कई दिन पहले हुई है। बड़ा सवाल यह है कि जब विभागीय अधिकारी गश्त का दावा करते हैं, तो हाथी जैसे विशालकाय वन्यजीव की मौत उनकी नजरों से कैसे बची?
सूत्रों का कहना है कि क्षेत्र में कुछ लोग फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए खेतों में करंट की तारें बिछा देते हैं। वहीं, कुछ आशंका यह भी जताई जा रही है कि कोई गिरोह हाथियों के दांत निकालने के लिए उन्हें जहर देकर मार रहा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।और UK भारत पर इसकी पुष्टी नहीं करता है!
मामले पर जानकारी लेने के लिए जब वन क्षेत्राधिकारी मोहन सिंह रावत और उप प्रभागीय वनाधिकारी सुनील दत्त बलोनी से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। इसके बाद डीएफओ हरिद्वार स्वप्निल अनिरुद्ध ने पुष्टि करते हुए बताया कि दोपहर में विभाग को हाथी का शव मिलने की सूचना मिली, जिसके बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे और डॉक्टरों का पैनल बुलाकर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हाथी की मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
गौरतलब है कि इससे पहले रुड़की रेंज क्षेत्र में अजगर की हत्या की घटना भी सामने आई थी, लेकिन अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई। यह स्थिति वन्यजीवों के दुश्मनों के हौसले बुलंद होने का संकेत देती है।
अब सबकी निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह बताएगी कि आखिर खानपुर रेंज में इन हाथियों की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या फिर यह किसी संगठित शिकार गिरोह की करतूत है। खबर लिखे जाने तक हाथी के शव का पोस्टमार्टम चल रहा है जिसकी रिपोर्ट आने का अभी इंतजार रहेगा।
